हिसार

मंदिर कमेटी ने लिया निर्णय : शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं को घर से भरकर लाना होगा जल

शिवलिंग व मूर्तियों को नही कर सकेंगे स्पर्श

आदमपुर (अग्रवाल)
कोरोना काल मेंं रविवार को शिव रात्रि महापर्व के मद्देनजर जहां प्रशासन मंदिरों में जुटने वाली भीड़ को लेकर अलर्ट है वहीं मंदिर कमेटियों ने भी अपने-अपने स्तर पर व्यवस्था बनानी शुरू कर दी है। संक्रमण को देखते हुए शिव मंदिरों में जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं को अपने घर से ही जल लेकर आना पड़ेगा। यहां तक की प्रसाद चढ़ाने, मूर्तियों को छूने, तिलक लगाने की भी पाबंदी रहेगी। शिवालयों में शारीरिक दूरी बनाकर पूजा-अर्चना की जगह केवल जलाभिषेक किया जाएगा। बिना मास्क के पाए जाने पर प्रशासन द्वारा जुर्माना लगाया जाएगा। खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय की ओर से आदमपुर ब्लाक के सभी सरपंचों को इस बार शिव मंदिरों में भीड़ न होने की हिदायत दी है।

वहीं सीसवाल धाम में शुक्रवार को इस संबंध में मंदिर कमेटी, ग्राम पंचायत सीसवाल, ढाणी सीसवाल व ढाणी मोहब्बतपुर की सयुंक्त बैठक आयोजित की गई। मंदिर कमेटी प्रधान घीसाराम जैन की अध्यक्षता में हुई बैठक मेें कोरोनाकाल में सावधानी को देखते हुए व्यवस्था बनाने का निर्णय लिया गया। प्रधान घीसाराम जैन ने बताया कि मंदिर के बाहर गोल घेरे बनाए गए हैं, घंटियों को उतार दिया गया है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गेट पर सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। साथ ही शारीरिक दूरी का पालन करने समेत जरूरी एहतियात बरतने को लेकर मंदिरों के बाहर पोस्टर चस्पा किए गए हैं। इस बार मंदिर की ना तो कोई सजावट की जाएगी ना ही कोई स्टाल लगेगी।

इस मौके पर खंड कार्यालय से पटवारी भजनलाल, तरसेम गोयल, सीसवाल सरपंच घीसाराम, ढाणी सीसवाल सरपंच मोमन सैनी, ढाणी मोहब्बतपुर सरपंच प्रतिनिधि वेदप्रकाश तुरकिया, रोहताश सैनी, शेर सिंह सैनी, सुभाष चंद्र, रोहताश अग्रवाल, मुकेश खैरमपुरियां, जतिन गोयल आदि मौजूद रहे।

जल चढ़ाने से मनवांछित फल मिलता है
सावन महीने में शिवालयों में जलाभिषेक का विशेष महत्व है और शिवरात्रि व सोमवार को जल चढ़ाने की महत्ता काफी बढ़ जाती है। मान्यता है कि इस दिन जल चढ़ाने से मनवांछित फल मिलता है। श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान शिव की आराधना के साथ जलाभिषेक करते हैं। इस बार सावन माह में 5 सोमवार हैं। 3 व्रत कृष्ण पक्ष और 2 शुक्ल पक्ष में हैं। 6 जुलाई से शुरू हुआ सावन 3 अगस्त को रक्षाबंधन पर संपन्न होगा। पंडित भागीरथ शर्मा बताते हैं कि इस महीने में सोमवार के दिन व्रत रखने से भगवान भोले की कृपा बरसती है। इसलिए मनोकामना पूरी होने के लिहाज से इस महीने को पवित्र माना गया है।

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