हिसार,
राज्य सरकार ने परिवहन विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए डीएसपी वन विभाग तथा रोजगार अधिकारी को जीएम रोडवेज व डीटीओ लगाने का निर्णय लिया है। सरकार का यह निर्णय परिवहन विभाग को समाप्त करने तथा परिवहन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर बहुत बड़ा हमला है।
यह बात हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान दलबीर किरमारा ने एक बयान में कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह निर्णय एक सोची समझी साजिश के तहत लिया है, जिसे रोडवेज के कर्मचारी व अधिकारी सहन नहीं करेंगे। राज्य प्रधान दलबीर किरमारा ने कहा कि अकेले रोडवेज विभाग ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश व देश में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। इसे रोकना सरकार का पहला कदम होना चाहिए, लेकिन सरकार भ्रष्टाचार को रोकने की बजाय इसकी आड़ में विभाग को सिकोडऩे की नीति पर काम कर रही है, जो पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सही मायने में भ्रष्टाचार को समाप्त करना चाहती है तो रोडवेज के कर्मचारी इसका स्वागत करेंगे।
राज्य प्रधान ने कहा कि पुलिस विभाग में लाखों केस जांच में पड़े हैं और अपराध की दर काफी अधिक बढ़ चुकी है। ऐसे हालात में पुलिस अधिकारियों को रोडवेज में लगाना सही निर्णय नहीं कहा जा सकता है। इस निर्णय के कारण अपराध और अधिक बढ़ेंगे। वन विभाग के अधिकारियों को जंगलों व पेड़-पौधों को सुरक्षित रखने की ड्यूटी है। ऐसे में उनकी ड्यूटी में भी बाधा आएगी। इसी प्रकार रोजगार अधिकारियों को डीटीओ लगाने से सरकार की मंशा साफ हो जाती है कि सरकार ऐसा करके रोजगार कार्यालयों पर ताला लगाकर बेरोजगार युवाओं को ठेकेदार के भरोसे छोडऩा चाहती है।
राज्य प्रधान दलबीर किरमारा ने कहा कि यदि सरकार भ्रष्टाचार को रोकना चाहती है तो भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्यवाही करे लेकिन यह विडंबना है कि भ्रष्टाचारी अधिकारी की शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं करते हुए शिकायतकर्ता पर ही कार्यवाही की जाती है, जिसके चलते सरकार के संरक्षण में ही भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है। इसका खामियाजा किसान जो पूरी दुनिया का पेट भरता है खुद भूखा सो जाने को मजबूर है, मजदूर जो दुनिया को सुंदर महल बनाकर देता है खुद झोपडिय़ों में रहने को मजबूर है तथा ईमानदारी से ड्यूटी करने वाले कर्मचारी व अधिकारी खुडे लाइन रहने को मजबूर हैं।