हिसार

सिविल सर्जन हिसार के खिलाफ हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने खोला मोर्चा

बर्खास्त किए गए कर्मचारी की सेवाएं बहाल नहीं हुई तो मामले को न्यायालय में ले जाया जाएगा : सहगल

हिसार,
हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने आरोप लगाया है कि हरियाणा सरकार जहां नशा मुक्ति अभियान को तेज करने में जुटी है वहीं जिला की सिविल सर्जन इस अभियान की हवा निकालने में जुटी हैं। उदाहरण देते हुए महासंघ ने कहा कि एड्स कंट्रोल प्रोग्राम अधीन काऊंसलर के पद पर नियुक्त मुकेश डाबला ओएसटी गत छह वर्षों से उत्साहवर्धक सेवाएं दे रहा था। विभाग के अधिकारियों ने वार्षिक अप्रेजल रिपोर्ट में मुकेश डाबला द्वारा नशा मुक्ति अभियान की सफलता के किए गए कार्य के लिए दो बार विशेष प्रशंसा-पत्र से सम्मानित किया है। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने जातिगत मामले का रूप देकर कर्मचारी को सेवा नियमों की उल्लंघना करते हुए बिना कोई नोटिस दिए प्रथम जुलाई 2020 को सेवा से बर्खास्त कर दिया।
अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी परिसंघ के राष्ट्रीय चेयरमैन एमएल सहगल व हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिला सचिव देशराज वर्मा ने एक संयुक्त बयान में कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भेज कर सेवा से बर्खास्त मुकेश डाबला ओएसटी की सेवाएं बहाल कर न्याय प्रदान करने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला सिविल सर्जन द्वारा आधारहीन तथ्यों द्वारा महानिदेशक स्वास्थ्य के समक्ष मामले को दबाया जा रहा है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मुकेश डाबला की अधिकारियों द्वारा लिखित 6 वर्ष की गोपनीय वार्षिक रिपोर्टों में प्रत्येक में 100 में से 78 से 86 अंक देकर दो बार विशेष प्रमाण-पत्र दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनवरी 2014 से 31 मार्च 2020 तक मुकेश डाबला की वार्षिक अप्रेजल रिपोर्ट की प्रति आरटीआई अधिनियम 2005 के प्रावधान आधीन ली गई हैं जिससे स्पष्ट है कि उसे वर्ष 2015-16 में 100 में से 78 अंक, वर्ष 2016-17 में 84, वर्ष 2017-18 में 88, वर्ष 2018-19 में 82 तथा वर्ष 2019-20 में 84 अंक दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ओएसटी सेंटर, हिसार पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर आ रहा है लेकिन सिविल सर्जन ने सभी तथ्यों पर पानी फेर कर मुकेश डाबला को बिना नोटिस सेवा से बर्खास्त कर दिया और यह पद अभी भी रिक्त है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि सिविल सर्जन हिसार ने बर्खास्त कर्मचारी की सेवाएं बहाल नहीं की तो हरियाणा कर्मचारी महासंघ आंदोलन के साथ-साथ मामले को उच्च न्यायालय तक भी लेकर जाएगा। उन्होंने बताया कि पीडि़त कर्मचारी ने अपने साथ हुए इस अन्याय को लेकर 12 अगस्त को शहर थाना में आईपीसी की धारा 120बी, 166ए, 167, 201, 217, 219, 34 , 467, 468, 471, 477ए, 500, 505 व 507 के आधीन केस दर्ज करवाया है।

Related posts

आदमपुर व जवाहर नगर मेें पुलिस ने लगाए नाके

Jeewan Aadhar Editor Desk

आदमपुर के 25 गांवों में आज बिजली बाधित रहेगी

अग्रोहा में अवैध कालोनी पर चली डीटीपी की जेसीबी