सरकार दे रही है प्रोत्साहन, कलस्टर बनाकर उठाए लाभ
फतेहाबाद,
किसान परम्परागत खेती को छोडक़र फसल विविधिकरण को अपनाएं। फसल विविधिकरण अपनाकर अपनी आय को बढ़ा सकते हैं। सरकार भी इसके लिए अनेक प्रोत्साहन दे रही है। जिला प्रशासन भी किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाएगा। यह बात उपायुक्त डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ ने बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहीं।
उपायुक्त डॉ. बांगड़ ने कहा कि फसल विविधिकरण अपनाने वाले किसानों को जिला प्रशासन द्वारा मार्किटिंग सहित दूसरी सुविधाएं दी जाएगी। किसान वैज्ञानिक तरीके से फल, दाल, सब्जी सहित मछली व मधुपालन कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने उपमंडल व जिला स्तर पर किसान क्लब स्थापित करवाए है। कोरोना काल के दौरान कोई बड़ा कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो पाया, परन्तु छोटे-छोटे ग्रुपों में किसानों को फसल विविधिकरण बारे जागरूक किया गया है। कृषि विज्ञान केंद्र और हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को जागरूक किया गया है। जिला के बहुत से किसानों ने धान की फसल को छोडक़र दूसरी फसलें लगाई और सरकार की योजनाओं का फायदा उठाया है। जिला के किसानों ने पराली प्रबंधन में भी प्रशासन और सरकार का सहयोग किया तथा प्रबंधन के लिए आगे आए।
उन्होंने कहा कि जिला में फूड प्रोसेसिंग करने वाले किसानों का कलस्टर बनाकर उनकी सहायता की जाएगी। कोई भी किसान इस प्रकार के कलस्टर बनाकर फूड प्रोसेसिंग करने के लिए आगे आ सकते हैं। जिला के हर खंड में कलस्टर बनाए गए है। कुल 35 कलस्टर अभी स्थापित किए गए है। उपायुक्त ने कहा कि जिला में पानी की कोई दिक्कत नहीं है और यहां की जमीन की उर्वरक शक्ति भी अच्छी है, इसलिए किसान फल और सब्जी की खेती कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान परम्परागत खेती को छोडक़र विविधिकरण को अपना रहे हैं। जिला के किसानों ने आडू, लिच्ची की फसलें भी लगाई है। जिला में किसानों ने चंदन के वृक्ष भी लगाए है। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी और मछली पालन के क्षेत्र में भी काफी काम जिला में हुआ है। सरकार द्वारा दी जा रही प्रोत्साहन राशि/सहायता से किसान इस व्यवसाय को कर रहे हैं। गांव गिल्लाखेड़ा की महिलाएं एक ग्रुप बनाकर निफ्टम, सोनीपत से प्रशिक्षण लेकर भी आई है। उन्होंने वहां किन्नू और अमरूद के पल्प को निकालने की प्रक्रिया सीखी है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भी ऐसे ग्रुप और क्लबों की हरसंभव सहायता कर रहा है। एक सवाल के जवाब में उपायुक्त डॉ. बांगड़ ने बताया कि पूर्णरूप से शांति है और कहीं से भी कोई तनाव की सूचना नहीं है। जिला के नागरिकों का हरसंभव सहयोग प्रशासन को मिल रहा है।
अतिरिक्त उपायुक्त समवर्तक सिंह ने एक सवाल के जवाब में बताया कि फतेहाबाद शहर की धर्मशाला रोड के सडक़ निर्माण का कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इसका टैंडर ओपन कर दिया गया है। लोगों की मांग अनुसार इसके कंक्रीट बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भूना, फतेहाबाद सहित सभी शहरों में सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि फतेहाबाद शहर में स्थापित पब्लिक शौचालयों के बाहर बारकोड लगाए गए है। कोई भी नागरिक इसे स्कैन कर अपनी रैटिंग और टिप्पणी दे सकते हैं। कंडम शौचालयों को जल्द ही दुरूस्त करवाकर क्रियांवित किया जाएगा। चिल्ली झील के सौंदर्यकरण और खुदाई के सवाल के जवाब में एडीसी ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी निकासी का कार्य शुरू कर दिया है। नप फतेहाबाद ने जनस्वास्थ्य विभाग को लगभग 8 करोड़ रुपये की राशि इस कार्य के लिए दी है। सिंचाई विभाग ने खुदाई का टैंडर ओपन कर दिया है और जिस पर जल्द ही काम शुरू होगा। चिन्ह्ति 13 अतिक्रमणों को हटाने की कानूनी कार्रवाई विभाग द्वारा शुरू की गई है। इसके उपरांत चिल्ली झील के सौंदर्यकरण का कार्य शुरू होगा। इस मौके पर एसडीएम कुलभूषण बंसल, नगराधीश अंकिता वर्मा, डीआईपीआरओ आत्मा राम कसाना, डीआईओ सिकंदर, एआईपीआरओ विनय बेनीवाल आदि मौजूद रहे।