हिसार

संदलाना के ग्रामीणों ने पंचायत कर किसान आंदोलन को दोगुने जोश के साथ जारी रखने का किया ऐलान

ग्रामीणों द्वारा टिकरी बॉर्डर पर टेंट लगाकर नियमित रूप से दिया जा रहा धरना, कृषि कानून वापिस नहीं होने तक धरना देने का निर्णय

हिसार,
जिले के गांव संदलाना में किसान आंदोलन को लेकर पंचायत का आयोजन किया गया जिसमें ग्रामिणों ने किसान आंदोलन को और जोर-शोर से जारी रखने का फैसला लिया। गांव संदलाना के ग्रामीणों द्वारा पहले से टिकरी बॉर्डर के लाइट पीलर 101 व 102 पर टेंट लगाकर लगातार धरना दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस प्रकार से सरकार ने किसानों के आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची है उसे देखते हुए किसान आंदोलन को जब तक सरकार तीन कृषि कानून वापिस नहीं लेती तब तक और अधिक मजबूती व जोर-शोर से जारी रखने के लिए संदलाना के ग्रामीणों ने कमर कस ली है।
राजेश संदलाना ने बताया कि ग्रामिणों द्वारा टिकरी बॉर्डर पर गांव की ओर से टेंट लगाकर स्थाई धरना दिया जा रहा है जिसमें पूरे गांव की 36 बिरादरी के परिवारों की भागीदारी है। धरने के दौरान खाने-पीने व अन्य व्यवस्थाओं की व्यवस्था भी ग्रामीणों द्वारा की जा रही है। इसके अलावा यदि आंदोलन के दौरान किसी का भी कोई नुकसान जैसे ट्रेक्टर या वाहन इत्यादि का होता है तो उसकी भरपाई गांव द्वारा सांझे रूप से की जाएगी। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने षडय़ंत्र रच कर किसानों के आंदोलन को कमजोर करना चाहा लेकिन अब पूरे देश का किसान दोगुने जोश से आंदोलन में शरीक होगा और तानाशाही सरकार को तीन काले कृषि कानून वापिस लेने पर मजबूर कर देगा। गांव संदलाना के ग्रामीणों ने इससे पूर्व भी आंदोलन के लिए 1 लाख 11 हजार रुपये का चंदा गांव की ओर से एकत्रित करके दिया था वहीं टिकरी बॉर्डर पर भी गांव के किसान लगातार उनके धरने पर पहुंच रहे हैं।

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