हिसार

मिलीभगत से व रिश्वत देकर करवाई रजिस्ट्री, बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

गिरफ्तार एक आरोपी ने पुलिस के समक्ष किया था काआप्रेटिव सोसायटी के अधिकारियों व कर्मचारियों को रिश्वत देने का खुलासा

हिसार,
प्लॉट के दो अलॉटमेंट कार्ड व रजिस्ट्री करवाने के मामले में सदर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए साकेत कॉलोनी निवासी नरेश द्वारा कोआप्रेटिव सोसायटी के कर्मचारियों को दो—दो लाख रुपये रिश्वत दिए जाने के कबूलनामे के बाद भी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो रही है। शिकायतकर्ता सेक्टर 16—17 निवासी पवन शर्मा ने सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी करके न्याय दिलाए जाने की मांग की है।
पवन शर्मा ने कहा कि इस मामले को बेवजह लटकाया जा रहा है, जिससे उसे आर्थिक हानि व मानसिक परेशानी हो रही है। पवन के अनुसार कोआप्रेटिव सोसायटी के सब रजिस्ट्रार संजय की शिकायत के लंबे समय बाद 20 जनवरी 2018 को इस मामले में केस दर्ज कियाा गया। केस दर्ज होने के बाद उसे कुछ उम्मीद बंधी कि शायद न्याय मिलेगा लेकिन तीन साल तक पुलिस इस मामले में हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। अब कुछ दिन पहले ही पुलिस ने इस मामले में आरोपी साकेत कालोनी निवासी नरेश को एक प्लॉट के 2 अलॉटमेंट कार्ड जारी करने व उनकी रजिस्ट्री करवाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि नरेश ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा किया है कि उसने कोआप्रेटिव सोसायटी के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से ये रजिस्ट्री करवाई थी। नरेश ने यह भी खुलासा किया है कि उसने इस काम के बदले कोआप्रेटिव सोसायटी के निरीक्षक मंजीत लौरा, मानता और असिस्टेंट रजिस्ट्रार सुधीर को 2—2 लाख रुपये रिश्वत दी थी।
पवन का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी व उसके खुलासे के बाद रिश्वत लेकर फर्जी रजिस्ट्री करवाने में मदद करने वाले कोआप्रेटिव सोसायटी के अधिकारियों व कर्मचारियों की गिरफ्तारी की जानी चाहिए थी लेकिन सप्ताहभर बाद भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है। रिश्वत लेने के ये आरोपी खुले घूम रहे हैं। पुलिस को चाहिए कि इन्हें तुरंत गिरफ्तार करके इस मामले की और करे और उसे न्याय दिलवाए। पवन के अनुसार यदि इस मामले की गहराई व निष्पक्षता से जांच की जाए तो बहुत बड़े घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है। पवन ने पुलिस अधीक्षक व सदर थाना प्रभारी से मांग की है कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करके उसे न्याय दिलवाया जाए। पवन ने कहा कि वे इस मामले में पुलिस अधीक्षक से भी मिलेंगे और अपनी स्थिति उनके सामने रखेंगे।

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