हिसार

‘इनोवेशन एट इंटरसेक्शन ऑफ साइंस एंड ह्यूमैनिटीज’ विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित

हिसार,
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार के भौतिकी विभाग के सौजन्य से ‘इनोवेशन एट इंटरसेक्शन ऑफ साइंस एंड ह्यूमैनिटीज’ विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान करवाया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार व्याख्यान के मुख्य अतिथि थे। मुख्य वक्ता रमन साइंस सेंटर एंड प्लेनेटेरियम, नागपुर के निदेशक विजय शंकर शर्मा रहे।
प्रो. टंकेश्वर कुमार ने इस अवसर पर कहा कि इंडिया का शोध की सामाजिक एवं राष्ट्रीय उपयोगिता के लिए इस प्रकार के व्याख्यान जरूरी हैं। शोध लक्ष्य आधारित होना चाहिए जो समाज के लिए उपयोगी हो। उन्होंने बताया कि सभी शिक्षक अपने विद्यार्थियों को ऐसे प्रशिक्षित करें कि वो वैज्ञानिक बनें और समाज के लिए उपयोगी शोध करें।
विजय शर्मा ने कहा कि इंटेलक्चुअल एक्सपीरियंस से ही नए आइडिया आते है। हमें अपने आइडिया का एक पिरामिड बनाना चाहिए, जिसका बेस आपका आइडिया है और चोटी उसका सॉल्यूशन है। रोडवेज की बस से भी नए आइडिया आ सकते है जैसे की हर्मन हॉलर्टिन को बस के कंडक्टर से पंच कार्ड को अपडेट करने का आइडिया आया। विजय शर्मा ने छोटी-छोटी स्टोरी से विद्यार्थियों को मोटिवेट किया कि हम कैसे अपने आसपास से नए आइडिया ले सकते है। हमें किसी के कंधे को ढूंढना है जिस पर बैठकर आप दूर तक देख सकते हैं। उन्होंने बैबेज और एडा लवलेस की स्टोरी सुनाई जिसमें एडा ने पंच कार्ड बनाया लेकिन एडा ने गलत संगत के कारण अपना करियर खराब कर लिया। इसलिए अपनी गलती मत कीजिए दूसरों की गलती से सीखिए। अच्छे लोगों की संगत में रहिए। उन्होंने बताया की कैसे बेल लैब बनी और कैसे ट्रांजिस्टर का अविष्कार हुआ। इनोवेशन टाइम लिमिटिड होती है जैसे की पहला कंप्यूटर 1837 के आसपास आया लेकिन उसका पहला प्रैक्टिकल होने में 100 साल लग गए। हम क्या ढूंढ रहे है वो हमें पता होना चाहिए।
भौतिकी विभाग की अध्यक्षा प्रो. सुजाता सांघी ने बताया कि ऐसे व्याख्यान विभाग समय-समय पर करवाता रहता है जिससे विद्यार्थियों को नई रिसर्च और इनोवेशन के बारे में पता चले और जिसका फायदा उनको अपने कोर्स में मिले। उन्होंने विश्वविद्यालय को एशिया रैंकिंग में अच्छी जगह मिलने पर कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार का धन्यवाद किया और सभी विद्यार्थियों को इसके लिए बधाई दी।
इस व्याख्यान के कोऑर्डिनेटर, डा. रमेश कुमार ने बताया कि इस व्याख्यान में भौतिकी विभाग के ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और रिसर्च स्कॉलर ने भाग लिया। डा. रमेश ने मुख्य वक्ता विजय शंकर शर्मा व कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार का धन्यवाद किया। व्याख्यान कार्यक्रम में प्रो. सुनीता श्रीवास्तव, प्रो. आशीष अग्रवाल, प्रो. देवेंद्र मोहन, प्रो. राजेंद्र कुंडू, प्रो. नीतू अहलावत, डा. अजय शंकर, डा. हरदेव सैनी, डा.रंजीत दलाल, डा. विवेक गुप्ता, डा. डेविड उपस्थित रहे। यह व्याख्यान गूगल मीट और यूट्यूब पर लाइव रहा जिसमें 250 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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