हरियाणा हिसार

विधायक डा. गुप्ता ने आंगनवाड़ी महिलाओं को दिया सरकार से बात करने का आश्वासन

आंगनवाड़ी महिलाओं ने काला दिवस मनाकर किया विधायक आवास तक प्रदर्शन

हिसार,
हरियाणा सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों को निजी एनजीओ के अधीन करने के विरोध में तथा वर्ष 2018 में किया गया समझौता लागू करने की मांग पर एक माह से आंदोलन चला रही आंगनवाड़ी महिलाओं ने हरियाणा दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया। इस दौरान इन महिलाओं ने काले कपड़े पहन कर विधायक डा. कमल गुप्ता के आवास तक जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी करके सरकार को कोसा। सुरक्षा की दृष्टि से विधायक के आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। आवास के समक्ष पहुंचने पर विधायक डा. कमल गुप्ता ने आंगनवाड़ी महिलाओं से ज्ञापन लिया और सरकार से बात करने का आश्वासन दिया।
अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार आंगनवाड़ी वर्कर व हेल्पर यूनियन ने हरियाणा दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया। इसके लिए आंगनवाड़ी महिलाएं क्रांतिमान पार्क में एकत्रित हुई और एक माह के आंदोलन, धरने व प्रदर्शन के बाद भी सुनवाई न किये जाने को सरकार की संवेदनहीनता बताया। महिलाओं ने इस दौरान हरियाणा सरकार एवं विभाग की मंत्री पर आरोप लगाया कि वे एक साजिश के तहत आंगनवाड़ी केन्द्रों को निजी एनजीओ के अधीन करने पर उतारू है। हो सकता है, यह एनजीओ सरकार के किसी चहेते का हो, जिसे प्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा हो लेकिन ऐसा करके सरकार शिक्षा की नींव को खोखला करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने ऐलान किया कि आंगनवाड़ी महिलाएं सरकार के इस जनविरोधी, विभाग विरोधी व शिक्षा विरोधी फैसले का पुरजोर विरोध करेगी और किसी भी बड़े आंदोलन से गुरेज नहीं करेगी।
क्रातिमान पार्क में सभा के पश्चात आंगनवाड़ी महिलाएं जिला प्रधान बिमला राठी के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए विधायक डा. कमल गुप्ता के आवास की तरफ नारेबाजी करती हुई चली। प्रदर्शन का संचालन सुशीला जांगड़ा व राजबाला सहारण ने किया। विधायक आवास के समक्ष पहुंचकर महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की और एक माह के आंदोलन के दौरान सरकार, मंत्री या किसी विधायक के मुंह न खोलने पर कड़ा विरोध जताया। काफी देर तक नारेबाजी के बाद विधायक डा. कमल गुप्ता ज्ञापन लेने के लिए आवास से बाहर आए। जिला प्रधान बिमला राठी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को ज्ञापन सौंपा जिसमें आंगनवाड़ी केन्द्रों को निजी एनजीओ के अधीन करने का फैसला वापिस लेने, वर्ष 2018 में किया गया समझौता लागू करने, आंगनवाड़ी नेता कमलेश दयोरा को बहाल करने सहित अन्य मांगों का जिक्र किया गया। प्रदर्शन में जिले के विभिन्न गांवों से आई सैंकड़ों आंगनवाड़ी वर्कर व हेल्पर शामिल हुई।

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