हिसार

एनसीसी को कोर्स के रुप में पढ़ाने वाला गुजविप्रौवि पहला विश्वविद्यालय

नई शिक्षा नीति के तहत एनसीसी को कोर्स के रुप में किया शामिल : प्रो. काम्बोज

एनसीसी कोर्स से विद्यार्थियों में जागृत होगी देशभक्ति की भावना

हिसार,
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार ने नई शिक्षा नीति के तहत पहल करते हुए इसी सत्र से एनसीसी को एक कोर्स के रूप में पढ़ाना आरंभ कर दिया है। यह कोर्स वैकल्पिक होगा तथा इस कोर्स के विद्यार्थियों को ठीक ऐसे ही एकडेमिक के्रडिट्स मिलेंगे, जैसे अन्य कोर्सों में दिए जाते हैं। विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी संकाय के सभी विभागों में एनसीसी को कोर्स के रूप पढ़ाना आरंभ भी कर दिया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज कम्बोज ने कहा है कि एनसीसी के कैडेट्स के लिए एनसीसी को कोर्स के रूप में पढ़ाने वाला गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार पहला तकनीकी विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स के लिए जहां यह कोर्स अनिवार्य रहेगा, वहीं विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी संकाय के अन्य विद्यार्थियों के लिए यह कोर्स ओपन ऐच्छिक विषय के रूप शामिल किया गया है। विद्यार्थी अपनी रुचि अनुसार इस विषय को पढ़ सकते हैं।
प्रो. कम्बोज का कहना है कि नई शिक्षा नीति एक अत्यंत उपयोगी व वर्तमान समय की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई शिक्षा नीति है। एनसीसी को एक कोर्स के रूप में शामिल किए जाने से एनसीसी की उपयोगिता और अधिक रेंखाकित होगी। साथ ही कैडेट्स के लिए एनसीसी और अधिक लाभदायक भी होगी। कुलपति ने इसे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अनुशासित बनाने और उनमें देशभक्ति की भावना पैदा करने के लिए अति महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने इस प्रयास के लिए विश्वविद्यालय की एनसीसी यूनिट को शुभकामनाएं दी हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अवनीश वर्मा ने भी इस कोर्स को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया है।
विश्वविद्यालय के एनसीसी अधिकारी अनुराग सांगवान ने बताया कि विश्वविद्यालय में एनसीसी में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के लिए एनसीसी एकेडमिक कोर्स भी अनिवार्य होगा। कैडेट्स को एनसीसी के ‘बी’ तथा ‘सी’ प्रमाण पत्रों के साथ मिलने वाले एकेडमिक क्रेडिट्स केन्द्र तथा राज्य सरकारों की योजनाओं, रोजगार तथा आगामी कोर्सों में दाखिले में भी उपयोगी होंगे। एनसीसी पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति के अनुरुप एनसीसी के निदेशालय द्वारा तैयार किया है। पाठ्यक्रम में छह समेस्टरों के लिए कुल 24 क्रेडिट्स शामिल हैं। इनमें थ्योरी के आठ, प्रैक्टिकल के छह तथा दो वार्षिक प्रशिक्षण शिविरों के दस क्रेडिट्स होंगे। एनसीसी पाठ्यक्रम में कैडेट्स को बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण, समाजिक सेवा, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक विकास की गतिविधियां, व्यक्तित्व विकास, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, नेतृत्व तथा एडवेंचर कैंप आदि के बारे में पढ़ाया जाएगा।
अनुराग सांगवान ने एनसीसी पाठ्यक्रम को विश्वविद्यालय में लागू करने के लिए प्रौद्योगिकी संकाय की अधिष्ठात्री प्रो. सरोज तथा तीसरी हरियाणा एनसीसी बटालियन के कमान अधिकारी राजेश यादव के योगदान की प्रशंसा की है।

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