हिसार,
प्रदेश के अनुसूचित जाति के युवकों एवं युवतियों को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाने के प्रयास में लाला लाजपत राय पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्वविद्यालय के पशुजन्य उत्पाद प्रोद्यौगिकी विभाग की ओ से आगामी 3 से 12 जनवरी तक ‘दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद प्रसंस्करण’ पर 10 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन कराया जाएगा।
प्रशिक्षक संयोजक डॉ. नेहा ठाकुर के अनुसार विश्वविद्यालय के पशुजन्य उत्पाद प्रोद्यौगिकी विभाग में आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थियों को दूध के विभिन्य पहलुओं जैसे कि दूध का उत्पादन, दूध का पाश्चुरीकरण, दूध से क्रीम निकालना आदि के अलावा दूध के विभिन्न पदार्थों जैसे पनीर, छैना, खोवा, रसगुला, गुलाब जामुन, मटका कुल्फी, आइसक्रीम, सुगंधित दूध इत्यादि को नई व वैज्ञानिक तकनीकों के साथ-साथ उन्हें बनाना व उनकी पैकिंग ओर भंडारण, दूध संयत्र का परिचय, घरेलू स्तर पर उद्योग खोलना एवं उनकी लागत एवं लाभ, उद्योग खोलने के लिए ऋण व बीमा सुविधाओं पर जानकारी दी जाएगी।
पशुजन्य उत्पाद प्रोद्यौगिकी विभाग के अध्यक्ष एवं प्रशिक्षण निदेशक डॉ. संजय यादव के मुताबिक यह प्रशिक्षण निशुल्क होगा जिसमें प्रशिक्षणार्थियों को विश्वविद्यालय में ठहरने व खाने पीने की सुविधा के अलावा प्रतिदिन 100 रुपये मानदेय तथा रजिस्ट्रेशन किट व कुछ घरेलू बर्तन शामिल है भी दिए जाएंगे। प्रशिक्षण की समाप्ति पर प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। इसके साथ उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में कुल 15 प्रशिक्षणार्थी लिए जाएंगे। उम्मीदवारों का चयन विभागीय सलाहकार समिति द्वारा योग्यता तथा आयु 25 से 40 साल के आधार पर किया जाएगा। आवेदकों की न्यूनतम योग्यता दस जमा दो पास होना अनिवार्य है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्ति आवेदन के साथ गांव के सरपंच या शहर के नगर पार्षद से सत्यापित जाति प्रमाण पत्र संलग्न कर उपरोक्त विभाग में एक जनवरी तक जमा करवा सकते है। उन्होंने बताया कि आवेदन-पत्र लुवास विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सामान्य वर्ग के बेरोजगार भी भाग ले सकते है।