परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—882 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—882Jeewan Aadhar Editor DeskApril 24, 2026April 24, 20260
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—881 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—881Jeewan Aadhar Editor DeskApril 23, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—880 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—880Jeewan Aadhar Editor DeskApril 22, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—879 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—879Jeewan Aadhar Editor DeskApril 21, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—878 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—878Jeewan Aadhar Editor DeskApril 20, 2026
धर्मओशो : प्रेम का अन्त करने का बड़ा अद्भुत उपायJeewan Aadhar Editor DeskDecember 11, 2017 December 11, 2017 एक सम्राट एक गरीब स्त्री के प्रेम में पड़ गया। सम्राट था। स्त्री इतनी गरीब थी कि खरीदी जा सकती थी, कोई दिक्कत न थी।...
धर्मस्वामी राजदास : कर्म का फलJeewan Aadhar Editor DeskDecember 11, 2017 December 11, 2017 एक आदमी का पूरा परिवार गुरुद्वारे जाकर गुरु की महान सेवा किया करता था। उस परिवार में एक लड़का जो कि दोनों पैरों से अपाहिज...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—75Jeewan Aadhar Editor DeskDecember 11, 2017February 2, 2024 December 11, 2017February 2, 2024 एक सेठ का लडक़ा बाहर विदेश से पढक़र अपने देश लौटा। उस समय नव-रात्रों का आयोजन चल रहा था। सेठ जी बड़ा खुश हुआ कि...
धर्मसत्यार्थप्रकाश के अंश—12Jeewan Aadhar Editor DeskDecember 10, 2017 December 10, 2017 जो प्रत्यक्षपूर्वक अर्थात् जिसका कोई एक देश सम्पूर्ण द्रव्य किसी स्थान वा काल में प्रत्यक्ष हुआ हो उसका दूर देश में सहचारी एक देश के...
धर्मओशो : पुण्य क्या हैJeewan Aadhar Editor DeskDecember 10, 2017 December 10, 2017 मनुष्य की देह मिली और पुण्य का तुम्हें स्वाद नहीं है। तुमने जाना ही नहीं कि पुण्य क्या है। पाप ही जाना, बुराई ही जानी,...
धर्मस्वामी राजदास : कृष्ण—सुदामा प्रेमJeewan Aadhar Editor DeskDecember 10, 2017 December 10, 2017 कृष्ण और सुदामा का प्रेम बहुत गहरा था। प्रेम भी इतना कि कृष्ण, सुदामा को रात दिन अपने साथ ही रखते थे। कोई भी काम...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—74Jeewan Aadhar Editor DeskDecember 10, 2017February 1, 2024 December 10, 2017February 1, 2024 बुद्धिमान व्यक्ति वही होता है, जो इन चारों से कभी दुश्मनी नहीं करता। 1.राजा से दुश्मनी कभी मत करो। आजकल के राजा कौन है? यह...
धर्मसत्यार्थप्रकाश के अंश—11Jeewan Aadhar Editor DeskDecember 9, 2017 December 9, 2017 जो द्रव्य और गुण का समान जातीयक कार्य का आरम्भ होता है उस को साधम्र्य कहते हैं। जैसे पृथिवी में जड़त्व धर्म और घटादि कार्योत्पादकत्व...
धर्मओशो : मनुष्य होने का भेदJeewan Aadhar Editor DeskDecember 9, 2017 December 9, 2017 मनुष्य का जीवन मिला और पुण्य का पता न चला, तो सार क्या है? जो तुम कर रहे हो ,वह तो पशु भी कर लेते...
धर्मस्वामी राजदास : दु:ख देते रहनाJeewan Aadhar Editor DeskDecember 9, 2017 December 9, 2017 एक सूफी फकीर था, शेख फरीद। उसकी प्रार्थना में एक बात हमेशा होती थी–उसके शिष्य उससे पूछने लगे कि यह बात हमारी समझ में नहीं...