परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—927 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—927Jeewan Aadhar Editor DeskJune 8, 2026June 8, 2026June 8, 2026June 8, 20260
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—926 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—926Jeewan Aadhar Editor DeskJune 7, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—925 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—925Jeewan Aadhar Editor DeskJune 6, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—924 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—924Jeewan Aadhar Editor DeskJune 5, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—923 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—923Jeewan Aadhar Editor DeskJune 4, 2026
धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—154Jeewan Aadhar Editor DeskApril 25, 2024 April 25, 2024 उस समय कथावाचक व्यास डोगरे जी का जमाना था बनारस में। वहां का समाज उनका बहुत सम्मान करता था। वो चलते थे तो एक काफिला...
धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—153Jeewan Aadhar Editor DeskApril 24, 2024 April 24, 2024 वाजिश्रवा ने अपने पुत्र नचिकेता के लिए यज्ञ-फल की कामना से विश्वजित यज्ञ आयोजित किया। इस यज्ञ में वाजिश्रवा ने अपना सारा धन दे डाला।...
धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—152Jeewan Aadhar Editor DeskApril 23, 2024 April 23, 2024 अश्वघोष को वैराग्य हो गया। भोग-विलास से अरुचि और संसार से विरक्ति हो जाने के कारण उसने गृह-परित्याग कर दिया। ईश्वर-दर्शन की अभिलाषा से वह...
धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—151Jeewan Aadhar Editor DeskApril 22, 2024April 22, 2024 April 22, 2024April 22, 2024 ब्रह्माजी की इच्छा हुई “सृष्टि रचें।” उसे क्रियान्वित किया। पहले एक कुत्ता बनाया और उससे उसकी जीवनचर्या की उपलब्धि जानने के लिए पूछा -“संसार में...
धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—150Jeewan Aadhar Editor DeskApril 21, 2024 April 21, 2024 शबरी यद्यपि जाति की भीलनी थी, किंतु उसके हृदय में भगवान की सच्ची भक्ति भरी हुई थी। बाहर से वह जितनी गंदी दिखती थी, अंदर...
धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रचवनों से—149Jeewan Aadhar Editor DeskApril 20, 2024April 20, 2024 April 20, 2024April 20, 2024 पांडव वन में थे। एक दिन उन्हें बहुत जोरों की प्यास लगी। सहदेव पानी की तलाश में भेजे गए। शीघ्र ही उन्होंने एक सरोवर खोज...
धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज—148Jeewan Aadhar Editor DeskApril 19, 2024 April 19, 2024 देवों और असुरों में घोर युद्ध हो रहा था। राक्षसों के शस्त्र बल और युद्ध कौशल के सम्मुख देवता टिक ही नहीं पाते थे। वे...
धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—147Jeewan Aadhar Editor DeskApril 18, 2024 April 18, 2024 एक मंदिर था। उसमें सब लोग पगार पर काम करते थे। आरती वाला, पूजा कराने वाला आदमी,घंटा बजाने वाला भी पगार पर था… घंटा बजाने...
धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—146Jeewan Aadhar Editor DeskApril 17, 2024 April 17, 2024 एक व्यक्ति किसी संत के पास गया और बोला गुरुदेव, मुझे जीवन के सत्य का पूर्ण ज्ञान है। मैंने शास्त्रों का काफी अध्ययन किया है।...
धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—145Jeewan Aadhar Editor DeskApril 16, 2024 April 16, 2024 महाराष्ट्र में संतोबा नाम के एक प्रसिद्ध संत हुए। एक बार वह भ्रमण करते हुए राजणागांव पधारे। जब वह एक घर में भिक्षा मांगने पहुंचे...