परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—947 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—947Jeewan Aadhar Editor DeskJune 27, 2026June 27, 20260
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—946 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—946Jeewan Aadhar Editor DeskJune 26, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—945 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—945Jeewan Aadhar Editor DeskJune 25, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—944 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—944Jeewan Aadhar Editor DeskJune 24, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—942 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—942Jeewan Aadhar Editor DeskJune 23, 2026
धर्मस्वामी सदानंद के प्रवचनों से—254Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 9, 2018 February 9, 2018 एक बार भगवान् श्री कृष्णा वृन्दावन में ग्वाल-बालों के साथ गौएँ चरा रहे थे। उनके साथ खेल रहे थे। दोपहर हुई,भूख लगी तो सबने कहा,...
धर्मसत्यार्थप्रकाश के अंश—62Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 8, 2018 February 8, 2018 जो छली,कपटी,स्वार्थी,विषयी,काम क्रोध, लोभ मोह से युक्त ,परहानि करने वाले लम्पटी,मिथ्यावादी,अविद्वान्,कुसंगी,आलसी जो कोई दाता हो उसके पास बारम्बार मांगना,धरना देना,ना किये पश्चात् भी हटता से...
धर्मओशो : धारणाJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 8, 2018 February 8, 2018 मैं भी रोज यही करता हूं चेष्टा करता हूं कि तुम्हारी पुरानी धारणा टूट जाए। और ऐसा नहीं है कि तुम्हारी पुराणी धारणा गलत ही...
धर्मस्वामी राजदास : प्रश्नJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 8, 2018 February 8, 2018 एक बार एक झेन गुरु ने अपने शिष्यों को प्रश्नों के लिए आमंत्रित किया। एक शिष्य ने पूछा,‘जो लोग अपनी शिक्षा के लिए परिश्रम करते...
धर्मस्वामी सदानंद के प्रवचनों से—253Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 8, 2018 February 8, 2018 सभी गोपियाँ यशोदा माँ के पास कन्हैया की शिकायत करने के लिए आती है और कहती हैं, मैया आपका लाड़ला बहुत बिगड़ गया है, पहले...
धर्मसत्यार्थप्रकाश के अंश—61Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 7, 2018 February 7, 2018 जिस बात से तुम सत्याग्राही होना चाहते हो उसी बात से असत्याग्राही भी ठहरते हो क्योंकि जब सब मनुष्य भ्रान्तिरहित नहीं हो सकते तो तुम...
धर्मओशो : ब्राह्मण का अर्थJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 7, 2018 February 7, 2018 स्वाभाविक है। जो असली ब्राह्मण थे, वे तो बुद्ध के साथ हो लिये। असली ब्राह्मण को तो बुद्ध में ब्रह्म के दर्शन हो गए। ब्रह्मण...
धर्मस्वामी राजदास : विचारधाराJeewan Aadhar Editor DeskFebruary 7, 2018 February 7, 2018 आमतौर पर दो प्रकार की विचारधारा होती है- आध्यात्मिक व दुनियावी। दुनियावी विचारधारा वाला व्यक्ति हर वस्तु को सांसारिक दृष्टि से देखता है। ऐसे लोग...
धर्मस्वामी सदानंद के प्रवचनों से — 252Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 7, 2018 February 7, 2018 यह पुतना कौन हैं? पूतना पूर्व-जन्म में राजा बलि की राजकुमारी रत्नमाला थी जब भगवान् वामन बालक का रूप बनकर आए तो उनके सुन्दर रूप...
धर्मसत्यार्थप्रकाश के अंश—60Jeewan Aadhar Editor DeskFebruary 4, 2018 February 4, 2018 जब मेला होता है, तब मन्दिर के भीतर पुजारी रहते है और नीचे दुकान लगा रक्खी है। मन्दिर में से दुकान में जाने का छिद्र...