हिसार (कुलश्रेष्ठ)
भ्रष्टाचार को लेकर स्थानीय अधिकारी औैर कर्मचारियों केेे जीरो टोलरेन्स कार्यप्रणाली की आज लोक संपर्क एवं जनपरिवाद समिति की मासिक बैठक में पोल खुल गई। फरियादी अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं के निवारण को लेकर पिछले एक साल से भी अधिक समय से चक्कर काट रहे हैं और विभाग के अधिकारी आरोपी के खिलाफ कार्यवाही को लेकर कुछ नहीं कर रहे।
नेशनल महिला शूटर को पिछले एक साल से भी अधिक समय से आर्म्स लाईसैंस नहीं मिल रहा। आदमपुर क्षेत्र के एक गांव में कुम्हार धर्मशाला बनाने के नाम पर लाखों की राशि खर्च हो गई और अभी तक धर्मशाला के नाम पर कोई जमीन ही नहीं है। नगर निगम को कैमरी रोड पर निगम की हद का नहीं पता। एक ही जमीन का टुकड़ा दो या दो से ज्यादा लोगों के नाम करके लाखों की धोखाधड़ी करने वाले अपने नाम की जमीन भी बेच देते हैं और रजिस्ट्रार कार्यालय को इस बात का पता ही नहीं चलता। मॉडल टाउन एक्सटेंशन से सेक्टर-9,11 को लिंक करने के लिए सड़क बनाने की अप्रूवल कई महीनों से मिल चुकी है, मगर अधिकारी रोड को बनाने में टाल-मटौल कर रहे हैं। मॉडल टाउन एक्सटेंशन के समीप जमीन पर अवैध कब्जा हो रखा है और हुडा प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। गांव भकलाना की ग्राम पंचायत के कार्यों की जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी जा रही है और विभागीय अधिकारी काफी समय से यह सूचना नहीं दे रहे हैं।
और तो और, अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके आरोपी पक्ष पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश की भी अवहेलना करवा रहा है और फरियादी जन परिवाद समिति की बैठक में न्याय मिलने की प्रतीक्षा कर रहा है।
डीसी साहब, मुझे आर्म लाइसैंस न मिलने का कारण तो पता चले
जन परिवाद समिति की बैठक के दौरान मंत्री डॉ. बनवारी लाल के समक्ष एक राष्ट्रीय महिला शूटर ने दुखड़ा रोया। महिला शूटर ने बताया कि वह पिछले करीबन एक वर्ष से भी अधिक समय से आर्म लाइसैंस के लिए जिला प्रशासनिक कार्यालय में आवेदन किया है, मगर अभी तक उनको लाइसैंस नहीं दिया गया है। महिला खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें लाइसैंस नहीं देने का कारण भी स्पष्ट नहीं किया जा रहा है। खिलाड़ी ने मीडिया को बताया कि लाइसैंस नहीं मिलने के कारण उसे शूटिंग की प्रैक्टिस के लिए किराया राशि भरनी पड़ रही है, जोकि बहुत अधिक हैे। फरियादी की बात सुनने के पश्चात मंत्री ने डीसी को सारे मामले की जांच कर जल्द से जल्द लाइसैंस दिलवाने के निर्देश दिए।
नियमों के तहत सड़क बनानेे को कहा तो तोड़ दिया सीवरेज और पानी का कनैक्शन
समिति की बैठक में कैमरी रोड स्थित बसंत विहार क्षेत्रवासी सुरेश आर्य ने बताया कि तीन महीने पहले उनके घर की गली को बनाने के लिए सड़क तोड़ी गई। जब सड़क को बनाने केे वक्त नियमों के अनुसार काम करने को कहा तो निगम प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए सड़क निर्माण वाले ठेकेदार ने सड़क को तोड़कर छोड़ दिया। जब उसकी शिकायत करनी चाही तो ठेकेदार के कारिंदों ने उनके घर का सीवरेज और पेयजल आपूर्ति का कनैक्शन तक भी तोड़ दिया। उनका आरोप है कि जब ठेकेदार को यह करने का कारण पूछा तो उसने कहा कि सड़क बनाने में रुकावट डालोगे तो ऐसा ही होगा। आर्य ने बताया कि जब उन्होंने निगम कार्यालय से आरटीआई के तहत ठेकेदार के बारे में और सड़क बनाने के नियमो के बारे में जानकारी मांगी और साथ ही कैमरी रोड पर निगम की हद के बारे में पूछा तो जवाब में निगम प्रशासन न तो ठेकेदार का नाम बता पाया और न ही निगम ने अपनी हद के बारे में स्थिति स्पष्ट की। यह सुनकर मंत्री व डीसी हैरान हुए और निगम अधिकारियों को जल्द से जल्द सड़क बनाने के निर्देश दिए।
सिर्फ एक एकड़ जमीन, सिंचाई विभाग नहीं दे पा रहा 16 मिनट पानी
बैठक के दौरान गांव कालीरावण निवासी बलबीर गोदारा ने बताया कि उनकी केवल एक एकड़ जमीन है और उस जमीन केे लिए सिंचाई विभाग पिछले चार वर्षों से पूरा 16 मिनट पानी भी नहीं दे पा रहा है। मंत्री ने जब अधिकारी से जानकारी जुटाई तो अधिकारी ने बताया कि उन्हें 16 मिनट पानी तय है, मगर पानी का आधा समय उनके नाम से काटकर दूसरे के खाते में लगाया जा रहा है। मंत्री, विधायक और डीसी इस बात को सुनकर हैरान हो गए और मंत्री ने तत्काल पटवारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए और बलबीर को पूरा 16 मिनट पानी देने के निर्देश दिए।
रजिस्ट्रार ऑफिस में भारी भ्रष्टाचार, जमीन की हो रही खरीद-फरोख्त
बैठक में करीबन छह महीने से भी अधिक समय से लंबित गंगवा के नजदीक स्थित गृह-निर्माण सोसायटी की मैनेजमेेंट द्वारा आमजन से लाखों की धोखाधड़ी का मामला फिर उठा। मंत्री ने रजिस्ट्रार कार्यालय से मामले की अपडेट मांगी तो असिस्टैंट रजिस्ट्रार ने मुख्य आरोपी कपिला को अयोग्य घोषित करने की बात कही और बताया कि सोसायटी की तरफ से अभी तक उनके पास कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवाया गया है। जवाब में फरियादियों ने बताया कि विभाग के अधिकारियों के पास मुख्य आरोपी की जमीन का भी रिकॉर्ड है, मगर अधिकारियों ने इस जमीन को अटैच नहीं किया और आरोपी पक्ष को वह जमीन बेचने का अप्रत्यक्ष रूप से समय दिया जाता रहा हैै। अब अधिकारी फरियादियों को ठगी का पैसा भी न जाने कब तक दिलवा पाएगा। इस पर उपायुक्त ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए कि आरोपी की जमीन का सारा ब्यौरा जल्द से जल्द एकत्र कर उस जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई जाए और पुलिस प्रशासन को इस मामले में मुख्य आरोपी से सोसायटी का रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के लिए कहा।