फतेहाबाद (साहिल रुखाया)
मूक व बधिर बच्चों के परिजन भी अब उनकी आवाज को सुन सकेंगे और उनसे बात कर सकेंगे। हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ऐसे दिव्यांग बच्चों का निशुल्क उपचार कराने की पहल की है। इसी कड़ी में 6 मई को हुडा कन्वैन्सन हाल, सैक्टर 12 फरीदाबाद में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा कॉक्लीयर इम्पलांट सर्जरी जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
उपायुक्त एवं प्रधान जिला रैडक्रास सोसाईटी डॉ हरदीप सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों के कानों में बोला एक-एक शब्द उनके मस्तिष्क में छप जाता है, लेकिन जब बच्चा सुनने में अक्षम हो तो उसे कुछ भी सीख पाना आसान नहीं होता है। ऐसे दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों के लिए सरकार ने ऐसे बच्चों के उपचार का खर्च उठाने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में 6 मई को प्रात: 10:00 बजे से सांय 04:00 बजे तक हुडा कनवैन्सन हाल, सैक्टर 12, फरीदाबाद में सामाजिक न्याय एवं अधिकारित मंत्रालय के राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर द्वारा कार्यक्रम की अध्यक्षता की जाएगी। कॉक्लीअर इम्पलांट सर्जरी के लिए जो बच्चे 5 वर्ष की आयु तक बोलने व सुनने में असमर्थ हैं, उन बच्चों की कॉक्लीअर इम्पलांट सर्जरी के लिए जांच की जाएगी। जिन बच्चों को कॉक्लीयर इम्पलांट मशीन लगी हुई है, उन बच्चों के अभिभावक शिविर में भाग ले सकते हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर सभी बच्चों व अभिभावकों से मिलेंगे। इस कैम्प में प्रशिक्षित डॉक्टरों की टीम द्वारा बच्चों का कॉक्लीयर इम्पलांट सर्जरी के लिए चैकअप किया जाएगा।
ऑपरेशन के लिए ये हैं शर्ते
उपायुक्त ने बताया कि कॉक्लीयर इम्प्लांट उपचार के लिए बच्चे की आयु पांच वर्ष से कम हो, बच्चे के परिवार की मासिक आय 15000 से कम हो। बच्चा स्कीम के तहत बताए गए सभी मेडिकल में अक्षम पाया गया तो सरकार द्वारा निशुल्क उसका उपचार किया जाएगा।
यह दस्तावेज लगाने होंगे साथ
उपायुक्त ने बताया कि शिविर में भाग लेने वाले अभिभावकों व नागरिकों को आय प्रमाण पत्र, माता-पिता व बच्चे का आधार कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, बच्चे की पासपोर्ट साईज फोटो, बच्चे की सभी मेडिकल टैस्ट की रिपोर्ट, बच्चे का दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा सिटी व एमआरआई रिपोर्ट साथ लेकर शिविर में जाएं।