आग से बचाव को लेकर उपायुक्त के नेतृत्व में लघु सचिवालय में मॉक ड्रिल आयोजित
हिसार,
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा गुरुवार को लघु सचिवालय में फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान आग लगने के बाद उससे निपटने के लिए बचाव, आग पर नियंत्रण करने के तरीके, आग में झुलसे लोगों को प्राथमिक उपचार दिलाने आदि का अभ्यास किया गया। हालांकि मॉक ड्रिल के दौरान आग लगने की घटना के हालात उत्पन किए जाने के बाद लघु सचिवालय परिसर में हडक़ंप मच गया। विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और आमजन नीचे पार्क में एकत्र हो गए। मॉक ड्रिल का पता चलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
दोपहर 2.30 बजे जैसे ही लघु सचिवालय के सायरन ने आग लगने की चेतावनी जारी की, सभी कार्यालयों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्येक मंजिल पर कर्मचारियों ने विभागों में जाकर बताया कि लघु सचिवालय में आग लग गई है और जल्द से जल्द नीचे उतरें। इसके साथ ही सभी लोग जल्दी नीचे उतरे। आपदा प्रबंधन विभाग व जिला रेडक्रॉस के स्वयंसेवकों ने अभ्यास के लिए प्रतीक रूप में घायलों को उठाकर भवन से बाहर निकाला और डॉ. बीआर अंबेडकर प्रतिमा के पास बनाए गए राहत शिविर तक पहुंचाया। यहां उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी अन्य उच्चाधिकारियों के साथ स्वयं मौजूद थीं जो पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही थीं।
मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने पत्रकारों को बताया कि दोपहर 2.30 बजे सचिवालय में मॉक ड्रिल के लिए आग लगने के हालात उत्पन्न किए गए। 2.31 बजे आग की घटना को आपदा घोषित किया गया और 2.32 बजे अग्निशमन तथा इमरजेंसी सेवाओं को सूचित किया गया। इसके बाद 2.35 बजे लघु सचिवालय की बिजली सप्लाई को काटा गया तथा इसके तुरंत बाद राहत और बचाव के कार्य आरंभ कर दिए गए। आग लघु सचिवालय के प्रथम तल पर लगी थी, जिसमें कुल 11 लोग घायल होने की सूचना आपदा प्रबंधन के अधिकारियों द्वारा दी गई। इनमें से सात घायलों को प्राथमिक उपचार देकर छुट्टी दे दी गई, जबकि चार अन्य का डॉक्टरों की टीम द्वारा उपचार किया गया। इनमें से दो घायल गंभीर श्रेणी के हैं। उन्होंने बताया कि आग की सूचना पर फायर ब्रिगेड 5 मिनट में सचिवालय पहुंची। एंबुलेंस 15 मिनट में आई। राहत और बचाव कार्यों के बाद आपदा की घोषणा को वापस लिया गया और संबंधित विभागों ने जान-माल और अन्य नुकसान के बारे में उपायुक्त को ब्रीफिंग दी। उपायुक्त ने कहा कि हमारा मकसद है कि ऐसी घटना होने पर सभी इमरजेंसी सेवाएं समय पर पहुंचें। दमकल विभाग के अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के माध्यम से आग लगाकर उसको काबू करके दिखाया और घायल व्यक्तियों को लघु सचिवालय से बाहर निकाला। एंबुलेंस तुरंत घायल व्यक्तियों को अस्पताल तक लेकर गई। उपायुक्त ने कहा कि आपदा कहीं पर भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में हमें अपने विवेक से काम लेना चाहिए और एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए।
उपायुक्त डॉ. सोनी ने बताया कि आज मैंने आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से लघु सचिवालय में मौजूद अग्रिशमन यंत्रों के मौजूदा हालात की जानकारी ली है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे सभी अग्रिशमन यंत्रों को तुरंत प्रभाव से बदला जाए जो एक्सपायर हो गए हैं अथवा कार्य करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी एक्सपायर्ड उपकरणों को एक सप्ताह में बदला जाए।