मास्क बनाने के कार्य से 30 महिलाओं को रोजगार मिला
हिसार,
दिव्यांग पुनर्वास एवं स्वास्थ्य केंद्र में चल रहे सिलाई केन्द्र के अध्यक्ष रामनिवास अग्र्रवाल सी.ए. ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण लोगों की आवश्यकता को देखते हुए केंद्र में कॉटन के मास्क बनाने का कार्य शुरु किया गया। मास्क आज के समय में बहुत जरुरी हो गया है। विचार-विमर्श के बाद फैसला किया गया मास्क बनवाने से कुछ लोगों को रोजगार भी मिल जाएगा इसलिए केन्द्र पर 12 अप्रैल से मास्क बनाने का कार्य आरम्भ कर दिया गया। इस कार्य के लिए केन्द्र पर एक पिक्को की मशीन मंगवाई गई। सिलाई प्रशिक्षक रानी द्वारा मास्क बनाने की प्रक्रिया को पहले विस्तार से समझाया गया। उसके बाद मास्क बनाने का कार्य शुरु किया गया। मास्क बनाने के बाद इसको सैनिटाइज करके बड़े ही हाईजैनिक तरीके से इसको एक-एक पैक किया जाता है।
सिलाई केन्द्र के अध्यक्ष रामनिवास अग्र्रवाल सी.ए. ने बताया कि मास्क बनाने में केन्द्र के सारे स्टाफ ने सिलाई प्रशिक्षक रानी, प्रदीप, बिमला, सोनू, विक्रम, मंजू, अरविन्द, सुरेश और इसके अतिरिक्त ऋषि नगर के आस-पास की महिलाओं ने मास्क बनाने के काम में सहयोग प्रदान किया। इनमें सीता, सपना, निशा, तिजो, शिखा, प्रिया, लक्ष्मी, सीमा, बबीता, रोशन, सुमन, ज्योति, रूपा, कुसुम, ममता, सन्तोष, सुनीता, राकेश, पंकज, नीरज, लीलू, राजबाला, किरण, ललिता, पिंकी आदि शामिल रहीं। मास्क बनाने के कार्य से लगभग 30 महिलाओं को रोजगार मिला। रामनिवास अग्रवाल सी.ए. ने बताया कि गौशालाओं व झोपडिय़ों में मास्क का नि:शुल्क वितरण किया गया। लगभग 12 हजार मास्क केंद्र द्वारा बनाकर वितरित किए जा चुके हैं। कॉटन के इन मास्कों को अत्याधिक पसंद किया गया। दिव्यांग केंद्र की ओर से 21 जरुरतमंद परिवारों को राशन भी उपलब्ध कराया गया।