परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—910 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—910Jeewan Aadhar Editor DeskMay 22, 2026May 22, 20260
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—909 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—909Jeewan Aadhar Editor DeskMay 21, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—908 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—908Jeewan Aadhar Editor DeskMay 20, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—907 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—907Jeewan Aadhar Editor DeskMay 19, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—906 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—906Jeewan Aadhar Editor DeskMay 18, 2026
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद के प्रवचनों से-3Jeewan Aadhar Editor DeskMay 26, 2017November 21, 2023 May 26, 2017November 21, 2023 एक सन्यासी थे जो हिमालय पर रहते थे। वह बिना किसी रोक टोक के सब जगह जाते थे। लोग उनका प्रेम से स्वागत करते थे।...
धर्मओशो की वाणीJeewan Aadhar Editor DeskMay 25, 2017 May 25, 2017 “तुम माँ के पेट में थे नौ महीने तक, कोई दुकान तो चलाते नहीं थे, फिर भी जिए। हाथ—पैर भी न थे कि भोजन कर...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से-3Jeewan Aadhar Editor DeskMay 25, 2017November 21, 2023 May 25, 2017November 21, 2023 एक बड़े से जंगल में शेर रहता था। शेर गुस्से का बहुत तेज था। सभी जानवर उससे बहुत डरते थे। वह सभी जानवरों को परेशान...
धर्मओशो की कहानीJeewan Aadhar Editor DeskMay 24, 2017 May 24, 2017 जीवन-जिसे हम जीवन समझते हैं, वह क्या है? रात्रि में कोई पूछता था | मैंने उसे एक कहानी कही : एक विश्रामालय में दो व्यक्ति...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद के प्रवचनों से-2Jeewan Aadhar Editor DeskMay 23, 2017November 19, 2023 May 23, 2017November 19, 2023 जीवन में उत्थान और पतन चलता ही रहता है। भौतिक सुख-सुविधाएं जुटाने के प्रयासों में ऐसा हो तो आश्चर्य की बात नहीं है, लेकिन आध्यात्मिक...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद के प्रवचनों से-1Jeewan Aadhar Editor DeskMay 23, 2017November 19, 2023 May 23, 2017November 19, 2023 एक बार हस्तिनापुर में गुरु द्रोणाचार्य ने युधिष्ठिर और दुर्योधन दोनों को बुलाया और कहा,’जाओ, संसार की सबसे गंदी वस्तु खोज कर लाओ। जिसकी अधिक...
धर्मजिंदगी वास्तव में प्रभु का उत्तम उपहार हैJeewan Aadhar Editor DeskMay 23, 2017 May 23, 2017 बचपन से हम सुनते आ रहे हैं कि जिंदगी का सफर क्षणभंगुर है। एक पल हंसी-खुशी और अगले पल में गम, यही तो है जिंदगी...
धर्मओशो, काहे होत अधीर (पलटू), प्रवचन 12Jeewan Aadhar Editor DeskMay 23, 2017 May 23, 2017 ईश्वर कोई व्यक्ति नहीं है। ईश्वर शब्द से व्यक्ति की भ्रांति पैदा होती है। ईश्वरत्व है, ईश्वर नहीं। भगवत्ता है, भगवान नहीं। यह सारा जगत...
धर्मईश्वर तो समग्रता हैJeewan Aadhar Editor DeskMay 22, 2017 May 22, 2017 किसी देश में क्रांति हो गई थी। वहां के क्रांतिकारी सभी कुछ बदलने में लगे थे। धर्म को भी वे नष्ट करने पर उतारु थे।...
धर्मआत्मज्ञान के लिए गुरु के प्रति श्रद्धा का होना आवश्यकJeewan Aadhar Editor DeskMay 21, 2017 May 21, 2017 गुरु के प्रति श्रद्धा होने से गुरु द्वारा दिया गया ज्ञान शिष्य के हृदय में उतरने लगता है, अन्यथा श्रद्धा के बिना वह ज्ञान, शब्दों...