धर्म

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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 692

Jeewan Aadhar Editor Desk
एक दिन एक युवक दुखी मन से एक संत के आश्रम पहुँचा। चेहरे पर थकावट थी, आँखों में निराशा। उसने संत के चरणों में गिरकर...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 691

एक बार एक छोटे से गाँव में संत आनंददास रहते थे। वे अपने शिष्यों को हमेशा यही सिखाते थे — “जो मनुष्य सोच सकता है,...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 690

एक समय की बात है। हिमालय की तलहटी में बसे एक छोटे से गाँव में एक संत रहा करते थे। लोग उन्हें स्वामी अनंतदास कहते...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—689

एक बार एक राजा था—वीरेंद्रसिंह। उसके राज्य में समृद्धि थी, परंतु उसका स्वभाव बड़ा उग्र था। वह जो भी कह देता, वही आदेश माना जाता।...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 688

वाराणसी के घाट पर एक संत प्रतिदिन ध्यान में बैठा करते थे। एक दिन एक युवक आया, जिसने सिर से पांव तक गीले वस्त्र पहन...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—687

एक बार की बात है, हिमालय की तलहटी में स्थित एक छोटे से आश्रम में एक युवा शिष्य अपने गुरु के पास पहुँचा। उसका चेहरा...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 686

एक बार एक युवक हार मानकर संत के पास पहुँचा। उसके चेहरे पर निराशा थी और आंखों में थकावट। वह बोला — “गुरुदेव! मैंने जीवन...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—685

एक गाँव था—शांत, हरियाली से भरा, लेकिन मनुष्यों के मन में कलह और ईर्ष्या का विष भरा हुआ था। वहाँ के लोग छोटी-छोटी बातों पर...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 684

एक नगर में हरिदास नाम के एक प्रसिद्ध सेठ रहते थे। सोने-चांदी, महल-मकान, नौकर-चाकर – किसी चीज़ की कमी नहीं थी। पर एक दिन वे...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 683

एक गांव में एक बदमाश किस्म का व्यक्ति रहता था। उसका काम आमजन को तंग करना और उनको लूटने का था। एक बार उस गांव...