धर्म

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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—640

एक बहुत बड़ा चोर था। जब वो मरने लगा तो अपने बेटे को बुलाकर नसीहत दी, कि अगर तुझे चोरी करना है तो किसी महात्मा...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 639

गुलामी के दिनों में एक मस्तमौला संत हुए। वह हर समय ईश्वर के स्मरण में ही लगे रहते थे। एक बार की बात है, वह...
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परमहंस संत शिरो​मणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से —636

एक गांव में संत कुछ शिष्यों के साथ अपने आश्रम में रहते थे। संत बहुत ही विद्वान थे और शिष्यों को सुखी और सफल जीवन...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—635

किसी गांव में एक बहुत ही फूहड़ किस्म का आदमी रहता था। गांव में उसकी कोई इज्जत नहीं करता था। वह हमेशा दुखी रहा करता...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 634

एक बार गोमल सेठ अपनी दुकान पर बेठे थे। दोपहर का समय था, इसलिए कोई ग्राहक भी नहीं था तो वो थोड़ा सुस्ताने लगे। इतने...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—633

एक बार एक युवा व्यापारी अपने व्यापार में लगातार असफल हो रहा था। उसे लगा कि भगवान ने उसे पूरी तरह से छोड़ दिया है।...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 632

एक दिन बुद्ध के शिष्य ने पूछा कि तथागत क्या आपके सत्संग सुनने वाले सभी लोगों का कल्याण होता है? क्या सभी लोगों के दुख...
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परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—631

एक राजा ने अपने सुनार को आदेश दिया कि वह एक ऐसी अंगूठी बनाए जिसमें कुछ ऐसा लिखा हो जो राजा को सुख में अहंकार...