हिसार,
हरियाणा प्रदेश व्यापार मण्डल के राज्यस्तरीय व्यापारी प्रतिनिधियों की एक आवश्यक बैठक व्यापार मण्डल के प्रान्तीय अध्यक्ष व हरियाणा कान्फैड के पूर्व चैयरमैन बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में दिन—प्रतिदिन व्यापार व उद्योग पर जो मन्दी की मार पड़ रही है, उस पर गम्भीरता से विचार किया गया।
व्यापार मण्डल के प्रान्तीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने उपस्थित व्यापारी प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश व प्रदेश में छोटे व्यापार व छोटे उद्योगों में लगातार गिरावट आ रही है। इसके कारण छोटे उद्योगपति बैंकों के कर्ज तले दबता जा रहे है। एक तरफ केन्द्र व प्रदेश सरकार बड़े-बड़े उद्योग घरानों को व्यापार व उद्योग लगाने के लिए सस्ती जमीन, कम ब्याज पर लोन व सब्सीडी दे रही है, वहीं छोटे उद्योगों को किसी प्रकार की सुविधा नहीं दी जा रही। इसके कारण छोटे उद्योग नुकसान उठा-उठा कर बन्द हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के व्यापारियों व उद्योगपतियों को किसी प्रकार की रियायतें ना देने के कारण प्रदेश में नए उद्योग लगने की बजाए यहां से पलायन कर गए हैं और काफी उद्योग बन्द हो चुके हैं। इसका मुख्य कारण हरियाणा में बिजली की दर महंगी, सरकार द्वारा उद्योगपतियों को सस्ती जमीन उपलब्ध ना कराना और उसके साथ-साथ अफसरों द्वारा अपने निजी स्वार्थ के लिए व्यापारी व उद्योगपतियों को तंग करना। आज किसी भी व्यापारी सम्बन्धित महकमे में बिना पैसे दिए काम नहीं होता। यह काफी गंभीर विषय है।
प्रान्तीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि प्रदेश में व्यापार व उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार को सस्ती बिजली देने के साथ-साथ कम ब्याज पर लोन देना चाहिए। हरियाणा में नया उद्योग लगाने पर हरियाणा सरकार की तरफ से 7 साल के लिए मार्किट फीस माफ होनी चाहिए व जीएसटी टैक्स प्रणाली में 50 प्रतिशत की छूट होनी चाहिए। उद्योग लगाने के लिए जमीन खरीदने पर स्टाम्प डयूटी माफ होनी चाहिए ताकि पड़ोसी राज्य व विदेशों के उद्योगपति हरियाणा में नए-नए उद्योग स्थापित कर सकें। जब तक हरियाणा सरकार उद्योगपतियों को अन्य राज्यों की तरफ रियायतें नहीं देगी तब तक कोई भी उद्योगपति हरियाणा में उद्योग लगाने की गलती नहीं करेगा। प्रान्तीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने दिल्ली सरकार द्वारा बिजली की दरों में रियायतें देने की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार को भी प्रदेश के व्यापारी व आम जनता के हित में 200 युनिट तक बिजली के बिल माफ करने चाहिए और 200 से 500 युनिट बिजली के बिल पर 50 प्रतिशत सब्सीडी देनी चाहिए ताकि गरीब व आम लोगों को जो बिजली बिलों के झटके लग रहे हैं उससे राहत मिल सके।
इस बैठक में सिरसा जिला प्रधान हीरालाल शर्मा, फतेहाबाद प्रधान अशोक नारंग, टोहाना प्रधान जगदीश पाहवा, हरियाणा कपास मिल एसोसिएशन प्रधान सुशील मित्तल, हरियाणा हलवाई एसोसिएशन प्रधान जय प्रकाश गुप्ता, कैथल प्रधान सिकन्दर लाल गुप्ता, किशोर नागपाल प्रदेश प्रवक्ता करनाल, पवन बुवानी वाला भिवानी, जीन्द जिला प्रधान महावीर कम्प्यूटर, झज्जर जिला प्रधान सोहन सिंह गुर्जर आदि प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखे।