धर्म

धर्म

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—913

महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण ने द्वारका नगरी बसा ली थी। द्वारका में सत्राजित नाम का एक व्यक्ति था। वह सूर्य देव का बहुत बड़ा भक्त...
धर्म

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—912

पुराने समय में एक संत अपने शिष्य के साथ लगातार यात्राएं करते रहते थे। बीच-बीच में वे किसी गांव में कुछ दिन ठहर जाते और...
धर्म

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—911

पुराने समय में एक गांव में रहने वाला एक किसान बहुत परेशान था। मेहनत करने के बाद भी उसे सफलता नहीं मिल रही थी। कभी...
धर्म

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—910

पुराने समय में एक गांव में एक किसान का खेत गांव के बाहर था, जहां वह रोज सुबह से शाम तक खेती-किसानी का काम करता...
धर्म

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—909

पुराने समय की लोक कथा है। किसी राज्य में एक डाकू और एक संत रहते थे। दोनों का जीवन बिल्कुल अलग था। डाकू ने पूरी...
धर्म

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—908

सांझ का समय था। आसमान पर ढलते सूरज की लालिमा फैली हुई थी। नदी का पानी शांत दिख रहा था, लेकिन उसकी गहराई और तेज़...
धर्म

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—907

संत कबीर के आश्रम में दूर-दूर से लोग ज्ञान प्राप्त करने आते थे। वहाँ एक युवक भी शिक्षा लेने आया। वह अत्यंत बुद्धिमान था। शास्त्रों...
धर्म

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—906

रामायण का प्रसंग है। अयोध्या नगरी भव्य रूप से सजी हुई थी। चारों ओर उत्सव का माहौल था। दीपों की रोशनी, फूलों की मालाएं और...
धर्म

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—905

एक बार अयोध्या में राजतिलक की तैयारियाँ चल रही थीं। पूरा नगर दीपों से सज चुका था। हर ओर खुशी का माहौल था, क्योंकि अगले...
धर्म

परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—904

कुरुक्षेत्र के मैदान में महाभारत युद्ध शुरू होने वाला था। दोनों ओर पांडव-कौरव की विशाल सेनाएं खड़ी थीं। कौरवों के पास संख्या बल अधिक था,...