परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 861 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—...Jeewan Aadhar Editor DeskApril 3, 2026April 3, 20260
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 860 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—...Jeewan Aadhar Editor DeskApril 2, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 859 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—...Jeewan Aadhar Editor DeskApril 1, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 858 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—...Jeewan Aadhar Editor DeskMarch 31, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से— 857 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—...Jeewan Aadhar Editor DeskMarch 30, 2026
धर्मओशो : ध्यान एक कलाJeewan Aadhar Editor DeskNovember 7, 2017 November 7, 2017 ध्यान भी एक कला है। इस हृदय की गुफा में तो हम किनारे पर तैरना सीख लेते हैं, फिर उस विराट के सागर में उतरने...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—46Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 7, 2017January 3, 2024 November 7, 2017January 3, 2024 एक बार एक राजा ने अपने राज्य में एक बाजार ऐसा लगवाया, जिसमें शादी-विवाह में काम आनेवाली सभी वस्तुएँ उपलब्ध थीं। यह सोचकर कि राजा...
धर्मस्वामी राजदास : सदुपयोगJeewan Aadhar Editor DeskNovember 6, 2017 November 6, 2017 नरसी के पड़ोस में एक आदमी आलाप भर रहा था। आधी रात को नरसी उसके पास गया और उसने कहा कि आप को तो अपने...
धर्मओशो : कैवल्य उपनिषद 200Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 6, 2017 November 6, 2017 जब हम एक दफा, पहली दफा किसी व्यक्ति को पानी में फेंकते हैं तैरने के लिए, तब भी वह हाथ-पैर फेंकता है- थोड़े अव्यवस्थित। और...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—45Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 6, 2017January 2, 2024 November 6, 2017January 2, 2024 एक बार अर्जुन द्रौपदी को लेकर द्वारिकापुरी आये। अर्जुन श्रीकृष्ण के मित्र भी हैं, भक्त भी है, और बुआ के बेटे भाई भी है। शाम...
धर्मओशो : कैव्लय उपनिषद 191Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 5, 2017 November 5, 2017 एक चित्रकार सोचता है मैं मिट ही जाऊंगा, मेरे चित्र तो रहेंगे। मूर्तिकार सोचता है,मैं मिट जाऊंगा , मेरी मूर्ति तो रहेगी। संगीतज्ञ सोचता है,...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—44Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 5, 2017January 1, 2024 November 5, 2017January 1, 2024 एक बार दुर्योधन इन्द्रप्रस्थ महल देखने गया, बहुत ही सुन्दर कारीगरी से बना हुआ था, जल के स्थान पर स्थल और स्थल के स्थान जल...
धर्मओशो : लोभJeewan Aadhar Editor DeskNovember 5, 2017 November 5, 2017 एक सूफी फकीर औरत हुई है रबिया। रबिया एक दिन गुजरी है गांव से, एक हाथ में पानी का एक बर्तन और एक हाथ में...
धर्मस्वामी राजदास : पकड़ छोड़कर तो देखोJeewan Aadhar Editor DeskNovember 5, 2017 November 5, 2017 एक अंधेरी रात में एक पहाड़ के कगार से एक व्यक्ति गिर गया। अंधेरा था भंयकर। नीचे खाई थी बड़ी। जड़ों को पकडक़र किसी वृक्ष...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—43Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 5, 2017December 31, 2023 November 5, 2017December 31, 2023 जो जीव परमात्मा से विमुख हो, उसमें आस्था न रखता हो, जो नास्तिक हो उसका संग छोड़ देना चाहिए। जो शराबी है , जुआरी है,...