परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—949 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—949Jeewan Aadhar Editor DeskJune 29, 2026June 29, 20260
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—948 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—948Jeewan Aadhar Editor DeskJune 28, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—947 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—947Jeewan Aadhar Editor DeskJune 27, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—946 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—946Jeewan Aadhar Editor DeskJune 26, 2026
परमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—945 धर्मपरमहंस संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—945Jeewan Aadhar Editor DeskJune 25, 2026
धर्मओशो : कैवल्य उपनिषद 200Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 6, 2017 November 6, 2017 जब हम एक दफा, पहली दफा किसी व्यक्ति को पानी में फेंकते हैं तैरने के लिए, तब भी वह हाथ-पैर फेंकता है- थोड़े अव्यवस्थित। और...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—45Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 6, 2017January 2, 2024 November 6, 2017January 2, 2024 एक बार अर्जुन द्रौपदी को लेकर द्वारिकापुरी आये। अर्जुन श्रीकृष्ण के मित्र भी हैं, भक्त भी है, और बुआ के बेटे भाई भी है। शाम...
धर्मओशो : कैव्लय उपनिषद 191Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 5, 2017 November 5, 2017 एक चित्रकार सोचता है मैं मिट ही जाऊंगा, मेरे चित्र तो रहेंगे। मूर्तिकार सोचता है,मैं मिट जाऊंगा , मेरी मूर्ति तो रहेगी। संगीतज्ञ सोचता है,...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—44Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 5, 2017January 1, 2024 November 5, 2017January 1, 2024 एक बार दुर्योधन इन्द्रप्रस्थ महल देखने गया, बहुत ही सुन्दर कारीगरी से बना हुआ था, जल के स्थान पर स्थल और स्थल के स्थान जल...
धर्मओशो : लोभJeewan Aadhar Editor DeskNovember 5, 2017 November 5, 2017 एक सूफी फकीर औरत हुई है रबिया। रबिया एक दिन गुजरी है गांव से, एक हाथ में पानी का एक बर्तन और एक हाथ में...
धर्मस्वामी राजदास : पकड़ छोड़कर तो देखोJeewan Aadhar Editor DeskNovember 5, 2017 November 5, 2017 एक अंधेरी रात में एक पहाड़ के कगार से एक व्यक्ति गिर गया। अंधेरा था भंयकर। नीचे खाई थी बड़ी। जड़ों को पकडक़र किसी वृक्ष...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—43Jeewan Aadhar Editor DeskNovember 5, 2017December 31, 2023 November 5, 2017December 31, 2023 जो जीव परमात्मा से विमुख हो, उसमें आस्था न रखता हो, जो नास्तिक हो उसका संग छोड़ देना चाहिए। जो शराबी है , जुआरी है,...
धर्मश्री जम्भेश्वर शब्द वाणी—51Jeewan Aadhar Editor DeskJune 30, 2017 June 30, 2017 शब्द-51 ओ३म्- सप्त पताले भुय अंतर अंतर राखिलो, म्हे अटला अटलूं। अलाह अलेख अडाल अजूनी शिंभू, पवन अधारी पिंडजलूं। भावार्थः- इस शरीर के अन्दर ही...
धर्मओशो : निंदा रसJeewan Aadhar Editor DeskJune 30, 2017 June 30, 2017 तीन आदमी जा रहे हैं और एक भीख मांगने वाला सामने खड़ा हो जाए और उन तीन में से एक आदमी पैसे निकाल कर भिखमंगे...
धर्मपरमहंस स्वामी सदानंद जी महाराज के प्रवचनों से—42Jeewan Aadhar Editor DeskJune 30, 2017December 30, 2023 June 30, 2017December 30, 2023 एक बार एक किसान शेर,बकरी और एक घास की गट्ठरी लेकर जंगल से गुजर रहा था। रास्ते में उसे नदी को पार करना था ।...